मां पर मुनव्वर राणा के 30 शेर - Top 30 Maa Shayari by Munawwar Rana in Hindi/Urdu 1 नेकियां गिनने की नौबत ही नहीं आएगी मैंने जो मां पर लिक्ख...
वो रोशनी की तलब में गुम है, मैं खुशबुओं की तलास में हूँ, मैं दायरों से निकल रहा हूँ, वो दायरों में समा रहा है... सुनो समंदर की सोख लहरों...
2025 Latest pyar ki shayari | दोस्ती शायरी फ़ितरत 2025 - Ghazal romantic ghazal और shayarioftheday से भरपूर यह ghazal...
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